हल्दी के फायदे, उपयोग और नुकसान – Turmeric benifits, use or disadvantage

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turmeric of benefit
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भारत मसालों के मामले में एक धनी देश माना जाता है। यहां अलग-अलग प्रकार के व्यंजनों के लिए सामान्य से लेकर खास मसालों का उपयोग किया जाता है। वहीं, इनमें से कुछ ऐसे भी मसाले हैं, जिन्हें उनमे औषधीय गुणों होने के कारण से आर्युवेद इस औषधीयो को विशेष दर्जा दिया गया है। हल्दी को इन्हीं में से एक माना जाता है क्युकी कि स्वास्थ्य के लिए हल्दी के अनेक फायदे हैं।

हल्दी का उपयोग किस प्रकार शरीर के अनेकों लाभ पहुंचाने का कार्य बहुत ही अच्छे से कर सकती है। माना जाये तो हल्दी किसी भी बीमारी का इलाज नहीं संभव है, यह केवल समस्या से बचाव और उनके प्रभाव को कुछ हद तक कंट्रोल में और कम करने में मदद कर सकती है।

हल्दी क्या है – What is Turmeric in Hindi


हल्दी एक वनस्पति औषधी है, जो अदरक से संबंध रखती है। इसका वैज्ञानिक नाम करकुमा लोंगा माना जाता है। इसे हिंदी में हल्दी और अंग्रेजी में टर्मेरिक नाम से पहचान जाता है और कहा भी जाता है। प्राकृतिक रूप से देखा जाये तो इसका रंग पीला होता है। कच्ची हल्दी देखा जाये तो बिलकुल अदरक के समान ही दिखाई देती है।

वहीं, हल्दी को पीस कर उसे भोजन में एक मसाले की तरह उपयोग में लाया जाता है। इसके अलावा भी इसमें औषधीय गुण पाए जाते हैं। यह कई प्रकार से स्वास्थ्य के लिए और शरीर के लिए भी फायदेमंद होती है। हल्दी बहुत ही महत्वपूर्ण औषधी है।

हल्दी के औषधीय गुण – Medicinal Properties of Turmeric in Hindi


हल्दी के औषधीय गुण अनेक हैं, जिनमें से ये नाम है , एंटीऑक्सीडेंट, एंटीट्यूमर, एंटीसेप्टिक, एंटीइन्फ्लेमेटरी, एंटीवायरल, कार्डियोप्रोटेक्टिव , हेपटोप्रोटेक्टिव और नेफ्रोप्रोटेक्टिव गुण मुख्य हैं । हल्दी का उपयोग शरीर के लिए प्रकार लाभदायक हो सकता है।

हल्दी के फायदे – Benefits of Turmeric in Hindi

मधुमेह के लिए हल्दी के फायदे (benefits of turmeric for diabetes)

हल्दी के सेवन से मधुमेह के जोखिम को भी कम और कंट्रोल करने में सहायता मिलती है। दरअसल, एक शोध में पता चला है की प्रीडायबिटिक आबादी पर 9 महीने तक करक्यूमिन( हल्दी का महत्वपूर्ण तत्व) का उपयोग करने पर लाभकारी साबित हुआ है। इसका इस्तेमाल डायबिटीज के जोखिम को कम करने में सहायता मिली है।

इसके अलावा, करक्यूमिन का एंटी-डायबिटिक गुण होने से मधुमेह में होने वाली किसी प्रकार की कठिनाई के जोखिम को भी कम करने में सहायक होता है। शोध के अनुसार, 12 ग्राम तक करक्यूमिन का सेवन कारन ही सुरक्षित माना जाता है। बेहतर है कि इस बारे में पहले डॉक्टरी परामर्श भी ली जाए, क्योंकि डायबिटीज में हल्दी के सेवन और उसकी मात्रा से संबंधित जानकारी और जांच की बहुत ही जरुरी है।

कैंसर के लिए हल्दी के लाभ(benefits of turmeric for cancer)

हल्दी का उपयोग कैंसर के जोखिम से भी बचाव और काम करने में सहायक हो सकता है। थोड़ा अध्ययन करने के बाद यह बात सामने आई कि करक्यूमिन ट्यूमर सेल्स को कम करने या उसके प्रसार को रोकने में मदद करता है। इसमें एंटीनियोप्लास्टिक (ट्यूमर से बचाव का गुण) गुण होते हैं ।

इसके साथ ही इसमें एंटीकैंसर गुण भी पाए जाते है, जो प्रोस्ट्रेट, स्तन, और लंग्स कैंसर के जोखिम से बचाव में सहायता कर सकते है। ध्यान रहे कि किसी व्यक्ति को कैंसर है तो उस व्यक्ति के लिए डॉक्टरी इलाज ही पहली प्राथमिकता ही होनी बहुत ही जरुरी है।

बढ़ते वजन के लिए हल्दी के लाभ(benefits of turmeric for increasing weight)


देखा जाये तो सही वक्त पर अगर बढ़ते वजन पर ध्यान न दिया जाए तो मोटापे की समस्या हो सकती है। इससे जुड़े एक शोध में सूत्र मिले है कि मेटाबोलिक सिंड्रोम (ऐसी स्थितियां जो हृदय रोग, स्ट्रोक और मधुमेह के खतरे को बढ़ाती हैं) की समस्या से गुजरते लोगों में करक्यूमिन के उपयोग के करने से बॉडी मास इंडेक्स, कमर की चौड़ाई और वजन में कम करने में सहायता मिली है।

इसके अलावा, देखा जाये तो एक अन्य शोध के मुताबिक अधिक वजन वाले व्यक्तियों में करक्यूमिन सकारात्मक ही साबित होता है और वजन को नियंत्रण करने में भी सहायक हो सकता है। ऐसा नहीं है कि वजन कम करने के लिए सिर्फ हल्दी का सेवन नहीं ही किया जाये, बल्कि साथ-साथ व्यायाम और डाइट में करना भी आवश्यक है।

हल्दी के औषधीय गुण, एंटीऑक्सीडेंट(medicinal proprties of turmeric)


हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट गुण मुख्य रूप से पाया जाता है, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से मुक्त रखने और आयरन के प्रभाव को कंट्रोल करने में सहायता कर सकता है। देखा जाये तो हल्दी पाउडर के साथ-साथ इसके तेल में भी एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं । वहीं, चूहों पर किये गए एक अध्यन के अनुसार,

हल्दी डायबिटीज के कारण होने वाले ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को रोकने में सक्षम साबित हुआ है। एक अन्य अध्ययन में दावा किया गया है कि करक्यूमिन में पाया जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट गुण मनुष्यों की याद करने शक्ति को बढ़ा सकता है।

खांसी के लिए हल्दी का उपयोग(benefits of turmeric for cough)


देखा जाये तो बहुत से लोग हल्दी का उपयोग खांसी या सर्दी-जुकाम के लिए कई पीडियो से औषधि की तरह करते आ रहे हैं, क्योंकि हल्दी कि जो तासीर होती है वो गर्म होती है। दूध में हल्दी पाउडर डालकर सेवन करने से खांसी की समस्या काफी हद तक कम और ख़तम हो सकती है ।

इतना ही नहीं हल्दी में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण के कारण इसका सेवन ब्रोंकाइल अस्थमा के रोग लिए भी बहुत ही लाभदायक हो सकता है। ध्यान रहे, अगर खांसी कई दिनों से ज्यादा है तो बेहतर यही है कि एक बार डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

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