Diwali Essay in Hindi | दीपावली पर निबंध

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Diwali Essay in Hindi
Diwali Essay in Hindi

Diwali Essay in Hindi: एक सौ तेतिस करोड़ की जनसंख्या वाले भारत में अनेकों त्यौहार मनाए जाते हैं। भारत में कई तरह के त्यौहार मनाये जाते है जैसे – होली, रक्षाबंधन, मकर सक्रांति आदि पर सब से ज्यादा लोकप्रिय त्यौहार दिवाली है। भारतीय संस्कृति में दीपावली का त्यौहार बहुत ही हर्षो उल्लास के साथ मनाया जाता है। दीपावली का त्यौहार हिन्दू धर्म के लोगों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। दीपावली का त्यौहार कई रोचक परम्परा और संस्कृति, मान्यताओं से जुड़ा हुआ है।


दीपावली का त्यौहार भारत में ही नहीं विदेश में भी बड़ी ही धूम-धाम से मनाया है। दीपावली से जुड़ी बहुत सी रोचक कहानियां है जिसमे भ गवान श्री राम जी ने राक्षस के देवता रावण का वध कर बुराई पर सच्चाई की जीत करी ही थी और चौदह बरस के वनवास काट कर अपनी ग्रह नगरी अयोध्या को वापस आये थे। इसी की ख़ुशी में अमावस्या की रात में अयोध्या के लोगों ने दीपक जलाए थे।

दीपावली की विशेष तैयारी | Diwali Essay in Hindi

दिवाली के त्यौहार की तैयारी सब के घरों में हफ्तों पहले से शुरू हो जाती है। घरो, मकानों को साफ और पेंट किया जाता है। इस दृष्टि से स्वच्छता का त्योहार है। नए कपडे लाये जाते है और घरो में कई तरह के पकवान बनाये जाते है। पटाखे ख़रीदे जाते है। घरो को लाइटों और दियो से जग मगाया जाता है। ताकि लक्ष्मी जी को प्रसन्न किया जा सके।

दीपाली का त्यौहार कब मनाया जाता है ?

दिवाली पांच दिन का त्यौहार होता है जिसमे पहले दिन धनतेरस वाले दिन नए आभूषण को ख़रीदा जाता है और उनकी पूजा की जाती है। दूसरे दिन छोटी दिवाली होती हे और तीसरे दिन दिवाली मनाई जाती है और चौथे दिन गोबर धन पर्वत की पूजा की जाती है और पांचवेदिन भाई दूजा के साथ त्यौहार खत्म होता है।

दीपावली का त्यौहार कार्तिक महीने की अमावस्या के दिन बड़ी हर्षोल्लास से मनाया जाता है और इस दिन माता लक्ष्मी जी और धन के देवता कुबेर जी की पूजा की जाती है इस दिन भगवान श्री राम जी अपने चौदाह वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे, इस खुशी में को मनाने के लिए अयोध्या वासियों ने घी के दीये जलाये थे और राम जी लक्ष्मण जी सीता जी और उनकी पूरी सेना का स्वागत किया था।

दीपावली पर बाजार में रगंतर, कपड़े की दुकानों पर , खिलौने, पटाखे और उपहारों की सौगात लेकर आता है|दीपावली का त्यौहार मनाने के लिए छोटे बच्चों से लेकर बूढ़े लोगो तक को खुशी होती है| दीवाली आने के कुछ दिन पहले ही लोग अपने घरों की साफ-सफाई के साथ पुताई, रंगाई और घरों में बिजली की लड़ियों से सजा देते है। दीवाली के एक से दो दिन पहले ही बच्चों द्वारा स्कूलों छोटी दीपावली मनाई जाती है|

स्कूलों में शिक्षक विद्यार्थियों को पटाखों और आतिशबाजी को लेकर सावधानी बरतने की बहुत सलाह देते है, .भारतीय लोगों में दीवाली की बहुत उमंग का त्यौहार है। लोग अपने घरों की सफाई करते हैं, नये कपड़े पहनते हैं| लोग एक दूसरे के घर जेक मिठाइयां तथा उपहार देते है, एक दूसरे से मिलते है और बधाई देते है। सब के घरों में रंग बिरंगी रंगोलियाँ बनाई जाती है। दीपक जलाये जाते है।

आतिशबाजी की जाती है। अंधकार पर प्रकाश की विजय का यह पर्व समाज में उल्लास, भाई-चारे व प्रेम का संदेश फैलाता है|दीपावली के दिन दीप जलाए तो जाते ही है लेकिन याद रखें की हो सके तो एक दीपक उनके घर में भी जलाए जिनके घरों में अंधेरा होता है|हो सके तो ऐसा जरूर करना की आपकी वजह से किसी आम व्यक्ति को परेशानी न हो|

हो सके तो आप पटाखों की जगह दिये जलाए| पटाखों की जगह अच्छे कपड़े खरीदना अच्छा भोजन खाना मिठाइयाँ खाना, आदि

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